बच्चो को मोबाइल से दूर रखने के १० तरीके

एक समय  ऐसा  था  जहाँ  बच्चे  घरो  में  टिकते  नहीं  थे ।   माएं  पुरे  गली  मोहल्ले  में  ढूंढ़ने  निकलती  थी  की  अरे  मेरा  बच्चा  कहा  है  ? लुका  – छिपी  , गुड्डे  – गुड्डियों  का  खेल  था  , रेत  का  घर  बनाना  यही  सब  उसकी  दुनिया  होती  थी  लेकिन  आज  के  ज़माने  में  हमारे  बच्चे  चार  दीवारी  के  अंदर  मोबाइल  की  स्क्रीन  में  डूब  गए  है ।  जो  की  उन्हें  मानसिक  , शारीरिक  नुकसान  पंहुचा  रहा  है . शोध  के  अनुसार  बच्चो  में  मोबाइल  के  उपयोग  से  नींद  न  आना  , चिड़चिड़ापन  , आखो  की  रौशनी  कम  होना , भूक  न  लगना  , सर  दर्द , किसी  से  बात  न  करना  , डिप्रेशन  यह  सभी  लक्षण  नजर  आ  रहे  है  . आइये  इस  समस्या  से  कैसे  निपटे  इस  ब्लॉग  में  देखते  है।

1.            बच्चो  के  साथ  टाइम  बिताये :

Image Courtesy – https://www.hanen.org/Helpful-Info/Articles/Children-Who-Lead-Get-the-Language-They-Need.aspx

आप  बच्चो  के  अनुसार  अपने  काम  के  रूटीन  में  थोड़ा  बदलाव  कर  अपने  बच्चो  के  साथ  बैठे  , उनसे  बाते  करे  , खेले  , उसे  अच्छी  – बुरी  चीजों  को  संजय  की  ज्यादा  टीवी  , मोबाइल  देखने  से  आँखों  में  परेशानी  होती  है।  आप  उस  समय  खुद  उसके  साथ  कोई  गेम  खेले  या  पार्क  ले  जाये  इस  तरह  वह  सिर्फ  घर  पर  चिड़चिड़ाने  से  अच्छा  बहार  खुली  हवा  में  रहेंगे  व  सोशल  भी  होंगे  . उससे  उसकी  दिनचर्या  के  बारे  में पूछिए।  उससे  कुछ  समय  बाते  करिये  इस  से  आपका  अपने  बच्चो  से  bond  भी  अच्छा  बनेगा  .

2.            घर  के  कामो  में  व्यस्त  करे  

बच्चो  को  थोड़े थोड़े  काम  में  व्यस्त  रखने  से  उनका  टाइम  भी  पास  होता  है  और  वह  काम  करना  भी  सीखते  है।  आप  मटर  के  ढेर  बच्चो  के  सामने  रख  दे  और  कहे  इसके  दानो  को  1 डब्बे  में  रखे।  उसे  बड़ा  मजा  आएंगे।  गार्डन  में बच्चो से  पौधों  में  पानी  डलवाये  इससे  उसका  प्रकृति  से  भी  जुड़ाव  होंगे  . खुद  का  काम  खुद  ही  करने  की  सिख  दे  .

3.            Arts & Crafts

बच्चो  को  कुछ  सामन  arts & crafts का  दे . वह  बच्चा  जरूर  कुछ  न  कुछ  बनाने  की  कोशिश  करेंगे । आप  भी  उसका  साथ  दे  व  उसके  द्वारा  बनाई  चीजों  पर  उसका  हौसला  बढ़ाये ।  इससे  वह  अगली  बार  और  अच्छा  प्रदर्शन  करेंगे।  इसी  बचपन  के  खेल  से  वह  नयी  नयी  चीजे  एक्स्प्लोर  करता  है। 

4.            खुद  की  आदते  बदलिए 

Image Courtesy – https://www.pexels.com/@ekaterina-bolovtsova/

अगर  आप  या  घर  का  कोई  सदस्य  दिन  भर  फ़ोन  लेकर  बैठा  है  तो  बच्चा  भी  उनका  उदहारण  देकर  फ़ोन  मांगता  है  . इस  लिए  अगर  आप  वाकई  में  उसकी  फ़ोन  की  आदत  छुड़ाना  चाहते  है  तो  आप  व  घर  के  बाकि  सदस्यों  को  भी  ध्यान  देना  चाहिए  की  बच्चो  के  सामने  फ़ोन  का  ज्यादा  उपयोग  न  करे , क्यूंकि  बच्चे  आखिर  सीखते  तो   हमसे  ही  है। 

5.            टाइम  टेबल  तय  करे  

आप  बच्चे  का  टाइम  टेबल  सेट  करे  की  बच्चा  सुबह  से  उठ  कर  कब  कब  क्या  क्या  करेंगे।  आपको  पता  है  की  वह  शाम  को  खाली  टाइम  पर  ज्यादा  चिचिड़  करता  है  , क्यूंकि  सुबह  तो  वह  स्कूल  जाता  है  और  आकर  खाना  खाकर  सो  जाता  है।  फिर  उठने  पर  खाली  रहता  है  तो  उस  समय  के  लिए  आप  कुछ  सोच  कर  रखे  की  वह  उस  समय  पर  क्या  करेगा।  हर  चीज़  का  टाइम  टेबल  सेट  करे  तो  परेशानी  नहीं  होंगी।  अगर  TV देखना  भी  है  तो  उसका  टाइम  फिक्स  करे  ये  नहीं  की  वह  फ़ोन  नहीं  तो  TV पर  ही  घंटो  लगा  हुआ  है।  कुछ  भी  चीज़  का  अतिरेक  ठीक  नहीं  होता  hai ।

6.            बच्चो  की  रूचि  को  समय  दे 

अगर  आपका  बच्चा  डांसिंग  , सिंगिंग  , स्विमिंग  , इंडोर  , आउटडोर  , गेम  , पेंटिंग  , ड्राइंग  या  किसी  भी  क्षेत्र  में  ज्यादा  रूचि  लेता  है  तो  उसकी  रुचिनुसार  उसे  उसमे  आगे  बढ़ने  में  आप  मदद  करे  या  किसी  क्लासेज  में  लगा  कर  उसे  अपनी  रूचि  बेहतर  करने  दे। 

7.            बच्चो  को  किताबो  से  दोस्ती  कराये 

Photo by Vlada Karpovich: https://www.pexels.com/photo/mother-and-her-children-sitting-on-the-floor-4609075/

चाचा  – चौधरी  , पिंकी  की  गुड़िया , बिल्लू  और  पहलवान  यह  सब  पुराने  ज़माने  की  कॉमिक्स  है  आज  के  बच्चो  को  तो  इनका  नाम  भी  नहीं  पता  उन्हें  यह  सब  दिखाए।  साथ  में  पढ़िए  कुछ  ऐतिहासिक  – पौराणिक  पुस्तके  भी  दिखाइए  तभी  धीरे  – धीरे  वह  पुस्तकों  में  रूचि  लेगा  व  पढ़ने  की  कला  आएँगी  . हमारी  संस्कृति  से  भी  जुड़ा  रहेगा .

8.            बाहरी  गेम  के  लिए  प्रोत्साहित  करे 

Photo by Kampus Production: https://www.pexels.com/photo/young-kids-playing-football-on-the-field-8813564/

छुटियो  में  बच्चा  दिन  भर  घर  में  रहते  हुए  bore हो  जाता  है  ऐसे  में  आप  उसे  घर  से  बहार  निकल  कर  कुछ  आउटडोर  game खेलने  की  सलाह  दे।  दोस्तों  से  मिले  व  कुछ  game जैसे  badminton , cricket , cycling , skating , football, आदि  अनेक  खेल  खेलने  को  कहे  इससे  उसका  शारीरिक  व  मानसिक  विकास  होता  है।

9.            योग  / एक्सरसाइज  का  महत्व  समजाये

Photo by Budgeron Bach: https://www.pexels.com/photo/graceful-ethnic-girl-in-leotard-and-pointe-practicing-stretch-5150539/

बच्चे  का  बचपन  से  ही  योग  व  एक्सरसाइज  की  तरफ  ध्यान  दीजिये।  क्यूंकि  अगर  वह  बचपन  से  ही  इन  आदतों  को  अपनाएंगे  तो  उसका  शरीर  लचीला  व  स्वस्थ  रहेगा  व  मानसिक  विकास  , एकाग्रता  भी  इससे  बढ़ती  है ।  योग  का  महत्व  समझाइये  व  खुद  भी  उसके  साथ  करिये।

10.          उप्लभ्द  चीजों  में  खुश  रहना  सिखाइये 

Photo by Thirdman: https://www.pexels.com/photo/green-letter-tiles-on-a-colorful-surface-5767223/

आज  के  ज़माने  में  हर  किसी  को  हर  नयी  चीज़  चाइये  होती  है  ऐसे  में  आप  अपने  बच्चो  को  जो  हमारे  पास  सुख  साधन  है  उसमे  खुश  रहना  सिखाइये।  हर  चीज  देकर  आप  उसकी  हर  जिद  पूरी  कर  देते  है।   फिर  बच्चे  को  आदत  हो  जाती  है  की  मेरे  रोने  या  मांगने  से  हर  चीज़  मिल  ही  जाएंगी, तो  वह  हर  बार  अपनी  बात  मनवाएंगे . आप  उसे  समझाइये  की  जिन  चीजों  की  वाकई  में  जरुरत  है  वही  चीज़े  ले  . ऐसे  उसे  बचत  की  भी  आदत  लगेगी .

निष्कर्ष  –

सुख  सुविधा  अच्छी  है  पर  उनका  उपयोग  सिमित  हो  इसका  ध्यान  रखना  चाइये ।  मोबाइल  देखना  व  उस  पर  मनोरंजन  अच्छा  तो  लगता  है  लेकिन  वह  हमारे  बच्चो  के  मानसिक  व  शारीरिक  रूकावट  का  कारन  भी  बन  सकता  है ।  इस  लिए  अपने   बच्चो  पर  खुद  ध्यान  दे  की  वह  एक  हेल्थी  लाइफ  स्टाइल  का  पालन  करे।  आज  का  ब्लॉग  से  आप  को  काफी  मदद  मिलेंगी।  यह  नुस्खे  जरूर  आपकी  चिंता  को  दूर  करने  में  सहायक  होंगे। .
धन्यवाद्

Leave a Comment