वर्किंग वुमन के लिए उपयोगी टिप्स

आज हम बात करेंगे वर्किंग वुमन यानी जो औरत एक घर से बाहर जाकर काम करती है । उनके लिए टाइम को किस तरह से मैनेज किया जाए जिससे वह घर व काम दोनों की जिम्मेदारी को  बखूबी निभा सके।  वर्किंग है तो ना केवल उसे बाहर काम का मोर्चा संभालना है बल्कि घर के काम भी उसकी राह देख रहे होते हैं , दिन के 24 घंटे भी उसे कम लगने लगते हैं , काश मैं यह भी आज और कर पाती।  वो खुद के लिए भी बिल्कुल समय नहीं निकाल पाती है, ऐसे में घर, परिवार, बच्चे, ऑफिस सबका ध्यान रखते रखते वह खुद का अस्तित्व ही खो देती है।   बस रोबोट की तरह चलती ही रहती है।  लेकिन हम औरते कोई रोबोट नहीं है।  यदि हम यूं ही लगातार लगी रही तो एक ना एक दिन हमारी शक्ति जवाब दे ही देंगी,  इसलिए हमें टाइम मैनेजमेंट कर अपना रूटीन सेट करना चाहिए।   आज हम आपको कुछ useful  tips  देंगे , जिससे आप सब कुछ मैनेज कर, अपने लिए भी समय निकाल पाएंगे। 

1) प्राथमिकता तय करें

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हम महिलाओं को हजार तरह के काम होते हैं लेकिन हम सब कुछ तो समय की पाबंदी के कारण नहीं कर सकती है।  सुबह  का टाइम तो ऐसा होता है जहां घर, बच्चों का टिफिन, हस्बैंड का लंचबॉक्स , बच्चों को स्कूल के लिए रेडी करना, खुद को सबकुछ  कुछ फटाफट निपटा कर ऑफिस के लिए रेडी हो कर जाना। खाना बर्तन कपड़े सब कुछ काम होता है पर हमें अपनी प्राथमिकता पर ध्यान देना चाहिए कि क्या इस समय जरूरी काम है ,  जैसे कि आप अपने कामों की लिस्ट बनाएं और देखिए कि गैरजरूरी ऐसे काम जिन्हे  अगर आप बाद में कर सकते हैं और कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा, तो उन्हें  बाद में करें।  जैसे कि लॉन्ड्री रोज के जगह सप्ताह में दो बार करें समय की बचत होगी । अब आपको खाना तो बनाना ही है बर्तन भी करने  है, तो आप इन कामों में कटौती नहीं कर सकती है।  इसलिए देखिए कि आप की लिस्ट में क्या ऐसा जो कि बाद में भी किया जाए तो चल सकता है क्या ? जैसे डस्टिंग भी आप सुबह जल्दबाजी में ना करके शाम को जब थोड़ा फ्री टाइम है तब डस्टिंग पोछा यह काम कर सकते हैं सुबह आपको  इन कामों में टाइम नहीं देना पड़ेगा। 

2) सुबह जल्दी सो कर उठे

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सुबह की भागदौड़ को अगर आप आसन करना चाहती हैं , और साथ ही अपने लिए सुकून से 10 मिनट बैठ कर ‘me time’ भी enjoy करना चाहती हैं तो  आप सुबह जल्द से जल्द उठे। इससे आप सब काम करने के बाद भी अपने लिए आराम से टाइम निकाल पाएंगी।  कम से कम अपने लिए आधा घंटा रखिए, जिसमें आप सुबह उठकर पहले तो आराम से पानी पीकर , फ्रेश होकर १०-१५  मिनट एक्सरसाइज को दें , जिससे कि दिन भर के लिए आप एनर्जेटिक महसूस करेंगे। फिर जुट जाइए अपने कामों में, क्योंकि आप सुबह जल्दी उठी  है, तो काम भी जल्दी निपट जाएंग।  तब खुद ही अच्छा महसूस करेंगी।  लेट होने से काम जल्दी जल्दी करना पड़ता है जिससे काम बनने की जगह बिगड़ने लगते है।  इसकी बजाये  आप जल्दी उठ कर आराम से सभी काम कर लेंगी व थकान भी नहीं होंगी।

3) pre – प्लानिंग करें

अगली सुबह क्या क्या करना है, इसकी प्लानिंग एक रात पहले ही कर ले।  अगर आपको स्टार्टिंग से समझ नहीं आ रहा है, तो आप एक कागज में प्लानिंग कर ले।  कल ब्रेकफास्ट लंच में क्या बनेगा ? बच्चे टिफिन में क्या ले जाएंगे? कल क्या पहनना है ?अगर आप टीचर है तो बच्चों को क्या पढ़ाना है उसकी प्लानिंग कर ले।  ऑफिस का कोई प्रोजेक्ट हो तो उसके कुछ Topics या points लिख कर रख ले।  तो कल आपको उस काम को करने में ज्यादा परेशानी नहीं होंगी। कपड़े फिक्स कर उन्हें प्रेस कर रेडी रखें, वरना सुबह उन्हें ढूंढने और प्रेस करने में इतना टाइम लग जाता है , कि बहुत बार तो बिना प्रेस के कपड़े पहन कर जाना पड़ता है।  अगर कुछ भी भिगोने वगैरह का सामान है जैसे राजमा , छोले तो रात को भिगो कर रख ले।  कुछ ऐसी सब्जियां जिन्हे रात ही साफ करके ,कट करके फ्रिज में रख दें तो सुबह का काम हल्का हो जाता है। इस तरीके से आप pre  प्लान कर ले तो सुबह फटाफट काम होते चले जाते हैं और पता भी नहीं चलता है। 

4) छुट्टी वाले दिन की हो प्लानिंग

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छुट्टी वाले दिन की भी हमेशा प्लानिंग करके रखें।  अगले Saturday और Sunday छुट्टी है , तो ऐसे काम जिन्हें आप सप्ताह के वर्किंग डे में नहीं कर पाती है उन्हें Weekend के लिए प्लान करें। जैसे गार्डनिंग, टेरेस की सफाई, अलमारी जमाना, किचन क्लीनिंग, रूम की सफाई , Grocery list बनाकर सामान रिफिल करना,  कपड़ों में आयरन करना,  सब्जी भाजी लाना।  कहीं घूमने जाना हो तो उसकी planning , बच्चों का कोई प्रोजेक्ट हो,  ऐसे सभी कामों के लिए list  बनाएं कि क्या पहले जरूरी है ! वह काम निपटाए।  कई बार हम अपनी हेल्थ को फॉर ग्रांटेड ले लेते हैं,  ध्यान ही नहीं देते।  छुट्टी वाले दिन अपना चेकअप करवा कर यह काम भी निपटा लीजिए ताकि अगर कोई बीमारी है या कुछ सीरियस है तो आप समय से उसका इलाज कर अपनी हेल्थ और पैसे दोनों बचा सकती है

5) मल्टीटास्किंग करें

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वैसे तो हम महिला शुरू से ही मल्टीटास्कर होती है।  एक समय पर कितने ही काम करती रहती है लेकिन जब हम वर्किंग है तो  हमारे लिए

 और भी जरूरी हो जाता है।  जैसे कि सुबह खाना बनाने से पहले यदि कपड़े की मशीन लगा दी, फिर किचन में गए तो हमारा खाना बनने तक कपड़े धूल कर मिल जाते हैं।  अगर गैस पर कुकर लगा रखा है इसकी रह न देखकर  कि यह ठंडा होगा, फिर आगे का काम करेंगे उसके बजाये , तब तक के बर्तन क्लीन कर ले  तो किचन प्लेटफार्म पर पसारा भी नहीं फैलेंगे।  जहां से सामान ले रही है वही रखें।

6) कामो को ज्यादा टाले नहीं

यदि किचन का या घर का कोई कोना थोड़ा गंदा लग रहा है , तो आप उसको एक हाथ मारते जाइये।  जिससे वह साफ भी होता रहेगा और  बहुत ज्यादा गंदा भी नहीं होगा।   क्योंकि हम सोचते हैं यह काम बाद में करेंगे, लेकिन वह बाद कभी आता नहीं।  और उस काम का टेंशन हमेशा हमारे सिर पर बना रहता है।  इसलिए रोज के काम के साथ कोई भी एक कोना पकड़कर उसे क्लीन कर दीजिए।  यह बहुत ही कम समय लगेगा , क्योंकि हम छोटा सा कोना रोज कर रहे हैं तो थकान भी नहीं होती वह काम भी हो जाता है । और यह काम पूरा होने पर अलग ही खुशी होती है, की कितने दिनों से यह काम पेंडिंग  था पर अब हो गया।

7) मदद लीजिए

हम महिलाएं अपने आपको कोई सुपर वुमन समझ लेती है की सब काम हम कर लेंगे । पर वास्तविकता में ऐसा होता नहीं है हमें अपने कामों में अपने हस्बैंड, बच्चों या घर के सदस्यों की मदद जरूर से लेनी चाहिए।  अगर आप फाइनेंशली थोड़ा स्ट्रांग है तो मेड रख लीजिए। इससे आपको अपने कामो में  थोड़ी मदद हो जाएंगी और मुश्किल नहीं होंगी  हस्बैंड से भी अगर कुछ मदद चाहिए तो बोलिए! बिना बोले कोई कुछ भी नहीं करता है इसलिए आप अगर कुछ काम ऐसा है जो वह कर सकते हैं तो कहिए,  वह भी आपकी भागदौड़ को देखकर जरूर मदद करेंगे।  बच्चों के लायक काम उन्हें दे, जैसे पौधों में पानी डालना, थोड़े बड़े हैं तो किचन में हेल्प, कपड़े फोल्ड करना, घर की डस्टिंग में मदद लीजिए जिम्मेदारी सभी की होती है , इसे हमेशा मिल बांटकर  करना चाहिए, जिससे किसी एक इंसान पर प्रेशर नहीं आता। और वह काम भी आसानी से हो जाता है

8) ना कहना सीखिए

हम महिलाएं कभी भी यदि हमे कोई काम बता रहा है तो उसे ना नहीं कहती है, और करने लग जाती है।  परंतु जब हम अपना काम करने के बाद लोगों का भी काम अपने मथ्थे ले लेती हैं तो कहीं ना कहीं चिचिड़ापन  होने लगती है।   अरे मैंने यह करने को हा क्यों कहा ! इसलिए ऑफिस में या कहीं भी कोई भी आपका favor ज्यादा तो नहीं मांग रहा है उसका ध्यान रखें।  मदद जरूर करें , पर कोई आपको बेवकूफ बनाकर हमेशा अपना काम निकाल रहा है , तो उस व्यक्ति को ना कहना सीखिए।  इसे आप अपनी ऊर्जा सही जगह लगाएंगे व व्यर्थ चिंता से भी बचेंगे। 

9) रिलेशन मेंटेन करें

अगर आप कहीं जॉब कर रही है अपने कलीग से अच्छा रिलेशन बनाकर रखें।  जिससे कभी कुछ ऐसी इमरजेंसी आती है , आपको आधे दिन की छुट्टी चाहिए तो आपके बॉस बहुत छुट्टी दे दे लेकिन अगर आप की कलीग आपके कामों में मदद कर दे, तो काम भी हो जाता है व इमरजेंसी में भी आप जा सकती हैं।  इसलिए रिलेशन सभी के साथ अच्छा रखें कभी आपको तो कभी वह आपकी मदद करें ऐसा संबंध होना चाहिए। लेकिन बहुत जरूरी है तभी मदद ले,  इसे आदत ना बना ले।  वरना लोग बार-बार मदद नहीं करते।

10) सोशल होना भी है जरूरी

वर्किंग वुमन के लिए किसी भी फंक्शन में जाना या relative के यहां जाना यह सब के लिए सभी टाइम होता ही नहीं है। परंतु हम समाज से अलग तो नहीं रह सकते इसलिए कभी कोई पूजा , फैमिली ट्रिप, फ्रेंड्स get -together हो ,त्यौहार में घर जाना हो , तो यह सभी के लिए वक्त निकालिए क्योंकि जिंदगी तो चलती रहेंगी और काम भी खत्म नहीं होने वाला है ऐसे में आपको ही टाइम मैनेजमेंट करके इन सभी को भी वक्त देना चाहिए।  इससे आप सोशल भी रहेंगे वही monotonous  लाइव से कुछ ब्रेक भी मिल जाएगा

निष्कर्ष

आज के इस ब्लॉग में हमने कामकाजी महिलाएं कैसे अपने रूटीन में थोड़ा chnages कर सही मैनेजमेंट से अपना काम आसानी से कर सकती है। टाइम निकाल सकती है।  इस बारे में चर्चा की है आप भी इस तरह से अपना ध्यान रखते हुए अपनी सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकती है।  वर्किंग होने का बोझ ना समझकर अगर आप सभी चीजों को समझदारी से हैंडल करेंगी तो खुशी-खुशी घर और काम दोनों को मैनेज कर सकती हैं।  उम्मीद है , आज के इस ब्लॉक से आपको थोड़ी-बहुत मदद मिली होंगी अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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